स्कूलों को अब प्रदर्शन के आधार पर मिलेगी वित्तीय मदद School Will Now Get Financial Help On The Basis Of Performance

 स्कूल की अब बदलेगी तस्वीर , नई शिक्षा नीति 2020 होगी लागु , अच्छे प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को मिलेगी वित्तीय मदद School Will Now Get Financial Help On The Basis Of Performance , New Education Policy 2020 

a2zkhabri.com रायपुर - नई राष्ट्रिय शिक्षा नीति 2020 के तहत अब स्कूली शिक्षा में अब बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। सबसे प्रमुख बदलाव अब स्कूलों को जारी होने वाले विभिन्न मदों  वित्तीय सहयोग राशि अब स्कूलों के प्रदर्शन के आधार पर जारी होगी। जो स्कूल बेहतर प्रदर्शन करेगी उन्हें अधिक वित्तीय मदद मिलेगी और कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों की वित्तीय मदद कट जाएगी। 

अन्य महत्वपूर्ण जानकारी - 

12 मार्च को शिक्षकों का राजधानी में होगा जमावड़ा, विधान सभा घेराव करने की तैयारी। 

जिला शिक्षा अधिकारी के प्रमाणित  अब मिलेगी शिक्षकों को तनख्वाह। 

संकुल समन्वयक भर्ती चयन सूचि जारी। 

शिक्षा नीति को प्रभावी तरीके से अमल में लाने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने स्कूली शिक्षा से जुडी सभी योजनाओं की नए सिरे से समीक्षा भी शुरू कर दी गई है , इसमें समग्र शिक्षा योजना भी शामिल है। इसे अब नीति के मुताबिक नया स्वरुप दिया जायेगा। स्कूली शिक्षा को अब रटने - रटाने और सिर्फ परीक्षा के लिए ही पढ़ाई की परंपरा से बाहर निकालकर अब विमर्श, रचनात्मकता, तार्किक सोच,बहुभाषिक और जीवन कौशल की ओर ले जाने की तैयारी है। 

अगले साल तक होगी नई किताबें तैयार - नई शिक्षा नीति की सबसे बड़ी चुनौती स्कूलों के लिए नई पाठ्य पुस्तकें तैयार करने की है। फिलहाल काम चल रहा है। इसका फ्रेम वर्क भी तैयार होने वाली है। लेकिन मौजूदा पाठ्यक्रमो में से किसे हटाया जाय और किसे शामिल किया जाय यह प्रमुख चुनौती है। अधिकारीयों की माने तो इसमें जो भी शामिल होगा वह तथ्यपरक और प्रमाणित होंगे। 

बजट में सरकार ने इस काम के लिए एनसीईआरटी को पांच सौ करोड़ रूपये दिए है। यह पिछले साल के बजट से दो सौ करोड़ अधिक है। बता दे की पीएम नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति के तहत 2022 से स्कूली बच्चों को नई किताबों से पढ़ाने का ऐलान किया है। 

नई शिक्षा नीति के तहत अब तीन साल का प्री प्रायमरी भी होगा जिसमे आंगनबाड़ी एवं बालवाटिका की अहम् भूमिका होगी। अभी तक यह स्कूली शिक्षा का हिस्सा नहीं था। इसे लेकर अभी नई अध्ययन सामग्री तैयार की जा रही है। इस योजना में इस बात पर अधिक जोर दिया जायेगा की बच्चों को कम से कम पढ़ना , लिखना और संख्या का ज्ञान हो। 

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