ब्रैकिंग - 2 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले शिक्षाकर्मियों के संविलियन हेतु छ.ग. मंत्रालय से आदेश जारी Shikshakarmiyon Ke Sanviliyan Hetu Adesh Jari

रायपुर - छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय ने 02 वर्ष अथवा उससे अधिक की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले शिक्षाकर्मियों के संविलियन हेतु आदेश जारी कर दिए है। आदेश में - 

1. 2 वर्ष या उससे अधिक की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले शेष बचे पंचायत , नगरीय निकाय संवर्ग के 16278 शिक्षकों का 1 नवम्बर 2020 की स्थिति में संविलियन स्कूल शिक्षा विभाग में किया जायेगा। 

2. जिन पंचायत एवं नगरीय निकाय शिक्षकों द्वारा 1 जुलाई 2020 को 8 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके है उनका भी स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन 1 नवम्बर 2020 को किया  जायेगा 

अधिक जानकारी के लिए नीचे आदेश डाउनलोड करें- 


संविलियन सम्बंधित पूर्व में जारी समाचार - 

मुख्यमंत्री ने किया स्पस्ट आर्थिक स्थिति सुधरने पर ही होगी संविलियन एवं नयी भर्ती पदस्थापना Shikshakarmi Sanviliyan And Regular Teacher Recruitment 2020 

रायपुर - संविलियन एवं शिक्षक भर्ती की राह देख रहे अभ्यर्थियों को अभी और इंतजार करना होगा। लगातार चल रहे अटकलबाजी के बीच आज मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया की अभी प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है जिस कारण से शिक्षाकर्मियों का संविलियन एवं शिक्षक भर्ती पदस्थापना तत्काल करना संभव नहीं है। 


प्रदेश में शिक्षकों एवं पुलिस कर्मियों की भर्ती रुकने के बाद उपजे विवाद आक्रोश के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राहत के संकेत दिए है। राजीव भवन में शनिवार को पत्रकारों से चर्चा में मुख्यमंत्रि ने अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया की किसी के साथ अन्याय नहीं होगा, कामकाज में भले देर होगा लेकिन अन्याय किसी के साथ नहीं होगा। 


आर्थिक स्थिति के सुधार के साथ बढ़ेगी प्रक्रिया - मुख्यमंत्री ने अपने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया की जैसे - जैसे प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुधरते जाएगी वैसे - वैसे शिक्षाकर्मियों एवं शिक्षक भर्ती, पुलिस भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ते जाएगी। मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस के चलते प्रदेश के आर्थिक स्थिति ख़राब होने की बात कही। 

मुख्यमंत्री ने केंद्र को लिया आड़े हाँथ - भर्ती रुकने पर केंद्र सरकार को आड़े हाँथ लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से 30 हजार करोड़ रूपये मांगे थे, ताकि सभी काम किये जा सके। जब सरकार ने संविलियन एवं शिक्षकों की नियुक्ति की घोषणा की थी, उस समय किसी को कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने की आशंका नहीं थी। 


कोरोना वायरस नहीं आता तो सभी कार्य समय पर होते - मुख्यमंत्री के कहा की अचानक से कोरोना वायरस देश विदेश सहित प्रदेश की आर्थिक स्थिति को ख़राब कर दी यदि कोरोना वायरस नहीं आता तो समय पर स्कूल खुल जाते, शिक्षकों की भर्ती हो जाती और दो वर्ष के सेवा पूर्ण करने वाले सभी शिक्षाकर्मियों का संविलियन भी हो जाता। मुख्य मंत्री ने कहा कि हमने मार्च में इस लिए आदेश जारी किये थे क्योंकि उस समय एक पैसे भी राजस्व के रूप में वसूली नहीं हुई थी। 

सिर्फ संविलयन एवं ज्वाइनिंग से ही काम नहीं हो जाता - मुख्यमंत्री ने अपने वक्तब्य में स्पष्ट किया की सिर्फ शिक्षाकर्मियों के संविलियन आदेश जारी कर देने एवं नयी शिक्षक भर्ती की पदस्थापन कर देने से काम नहीं चलेगा उनको वेतन देने के लिए पैसा भी तो होना चाहिए। उन्होंने प्रदेश के युवाओं एवं शिक्षाकर्मियों को आश्वस्त किया की किसी के साथ अन्याय नहीं होगा सिर्फ प्रक्रियामें देरी होगी और जैसे ही प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी वैसी ही सभी पेंडिंग प्रक्रिया को पूर्ण कर ली जाएगी। 


संविलियन आदेश जारी करने सीएम से आग्रह - संविलियन आदेश जारी करने शिक्षाकर्मियों ने शनिवार को दीप जलाकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आग्रह किया। शिक्षाकर्मियों द्वारा पूर्ववर्ती राज्य मध्यप्रदेश से लेकर अलग बने राज्य छत्तीसगढ़ में 22 वर्षो तक किये गए दीर्घकालिक संघर्षों के परिणाम स्वरुप 1 जुलाई 2018 से संविलियन प्रक्रिया प्रारम्भ हुयी थी। इसके बाद 1 जुलाई 2019 एवं 1 जनवरी 2020 की स्थिति में 8 वर्ष पूर्ण करने वाले शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया गया है। 


शिक्षक संगठन से जुड़े विभिन्न पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से आग्रह किये है की अपने जनघोषणा के अनुसार 8 वर्ष के अवधि को घटाकर 2 वर्ष किये है जिस पर तत्काल अमल करते हुए संविलियन आदेश जारी होने चाहिए। सभी शिक्षक संगठन ने शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए तुरंत संविलियन आदेश जारी करने का आग्रह किये है। 

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