शिक्षक एलबी की 20 साल की सेवा शून्य ,,, 2028 तक रिटायरमेंट होने वाले शिक्षकों को पेंशन की पात्रता नहीं Teacher LB's service of 20 years is nil,,, teachers retiring by 2028 are not eligible for pension

एनपीएस और पुरानी पेंशन के बीच फंसे कर्मचारी ,, ओपीएस लागू होने के बाद भी पेंशन हेतु अपात्र हो रहे एलबी संवर्ग के शिक्षक , करीब 20 हजार शिक्षकों का भविष्य अंधकारमय Employees trapped between NPS and old pension, LB cadre teachers becoming ineligible for pension even after the implementation of OPS, the future of about 20 thousand teachers is bleak

a2zkhabri.com रायपुर - प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राज्य के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन की सौगात तो दे दी , लेकिन प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना नहीं होने के कारण एलबी संवर्ग के शिक्षक पुरानी पेंशन हेतु अपात्र हो रहे है। ताजा मामला कोरिया जिला के खडगवां ब्लाक से सामने आया है , जहाँ एलबी संवर्ग के शिक्षिका हाल ही में रिटायर हुई है उन्हें संविलियन के बाद 10 वर्ष सेवा अवधि नहीं होने के कारण पुरानी पेंशन हेतु अपात्र घोषित कर दी गई है। विकास खंड शिक्षा अधिकारी का पेंशन के सन्दर्भ में जारी आदेश के बाद एलबी संवर्ग के हजारों शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है  इस तरह से राज्य के हजारों कर्मचारी एनपीएस और ओपीएस के बीच मझधार में फंस गए है। 

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20 साल की सेवा शून्य ,, 24 साल की सेवा पर मिलेगी 15 हजार रु. मासिक पेंशन - हाल ही में रिटायर हुई शिक्षिका को शिक्षा विभाग में काम करते 24 वर्ष पुरे हो गए है। लेकिन संविलियन तिथि 01 जुलाई 2018 के बाद उनकी सेवा गणना चार साल ही हुई है। संविलियन आदेश के मुताबिक पूर्व सेवा अवधि को शून्य माना गया है यही कारण है कि शिक्षा विभाग के अंतर्गत करीब 24 वर्ष सेवा के बाद भी कर्मचारी का भविष्य अधर में है। प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता की गणना होने पर करीब 15 हजार रूपये मासिक पेंशन बनेगी वहीँ एनपीएस के अंतर्गत मात्र 1500 रु. पेंशन बनेगी। वही ओपीएस हेतु अपात्र मन लिया गया है। इस तरह से प्रदेश के एनपीएस कर्मचारी को तभी अच्छे से ओपीएस का लाभ होगा जब ओपीएस हेतु प्रथम नियुक्ति तिथि से गणना की जाएगी। 

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20 हजार के लगभग एलबी संवर्ग के शिक्षक हो सकते है प्रभावित - मिली जानकारी के अनुसार ऐसे एलबी संवर्ग  जो 2028 के पहले रिटायर हो जायेंगे उनकी संख्या करीब 16 से 20 हजार बताई जा रही है। पुरानी पेंशन के नियमानुसार कम से कम 10 वर्ष की सेवा अनिवार्य होनी चाहिए। संविलियन दिनांक 01 जुलाई 2018 से जुलाई 2028 तक रिटायर होने वाले एलबी संवर्ग के शिक्षक सहित ऐसे कर्मचारी जिनकी रिटायरमेंट पर सरकारी नौकरी में आए हुए यदि 10 वर्ष से कम होगी तो वे ओपीएस हेतु अपात्र हो जायेंगे। 

पुरानी पेंशन नियमावली जारी ,, देखें राज्य शासन का निर्देश। 

जाने क्या है पूरा मामला - कोरिया जिले के विकासखंड खड़गवां के स्कूल में कार्यरत सहायक शिक्षक (एलबी संवर्ग ) राजकुमारी खटीक 31 अगस्त को रिटायर हुए है। प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ कोरिया की ओर से सेवानिवृत शिक्षिका को पुरानी पेंशन का लाभ देने का पत्र सौंपा गया था। उक्त पत्र के मांमले में बीईओ खड़गवां ने संविलियन तिथि 01 जुलाई 2018 से सेवा गणना करने का हवाला देकर 10 साल सेवा पूरा नहीं होने के कारण पेंशन प्रकरण तैयार नहीं करना बताया गया। शिक्षिका राजकुमारी खटीक का अगस्त में मुलवतन 37000 रु. है तथा भत्तों को मिलाकर 45000 रु. था। उक्त प्रकरण के उजागर होते ही राज्य के 1.80 लाख एलबी संवर्ग के शिक्षक चिंतित है। वही करीब 16 से 20 हजार शिक्षकों को पेंशन ही नहीं मिलेगा बाकी शिक्षकों को वरिष्ठता का लाभ नहीं मिलने के कारण पेंशन की राशि कम बनेगी। 

ब्रेकिंग - हजारों शिक्षक ops हेतु अपात्र ,,, देखें विभाग द्वारा जारी आदेश। 

प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना की मांग - एलबी संवर्ग के शिक्षकों की यदि पूर्व सेवा अवधि को गणना की जाएगी तभी उन्हें ओपीएस सहित क्रमोन्नति , पदोन्नति आदि का लाभ मिल पाएगा। वही कर्मचारी संगठन भी पूर्व सेवा अवधि की गणांना की मांग को बीच - बीच में उठाते रहते है , लेकिन अभी तक यह मांग एक मुहीम नहीं बन पाई है। ओपीएस का ताजा मामला कोरिया जिला से आने के बाद अब शिक्षक नेता इस और ध्यान दे रहे है और पूर्व सेवा अवधि को गणना करने की एक बार फिर मांग कर रहे है। 

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