रूपये की इतिहास ,,, कभी 1 रु. बराबर 13 डालर था , जाने कैसे कम हुई रूपये की कीमत History Of Rupee , Sometimes Rs. It Used To Be Equal To $ 13 , Know How The Price Came Down

जब 1 रुपया 13 डालर के बराबर हुआ करता था , जानिए कैसे कम हुई रूपये की कीमत History Of Rupee , Sometimes Rs. It Used To Be Equal To $ 13 , Know How The Price Came Down 

a2zkhabri.com न्यूज़ - आज लगभग सारी जरूरतों की पूर्ति रूपये , पैसे के माध्यम से ही होती है। यही कारण है कि आज हर कोई रुपया कमाने के लिए कड़ी मेहनत करता है। रुपया कमाना कोई आसान काम नहीं नहीं इसके लिए कड़ी मेहनत और बुद्धि की आवश्यकता होती है। आज कल पैसे के बगैर कोई काम नहीं होता , हर छोटी बड़ी जरुरत की पूर्ति हेतु रूपये की आवश्यकता होती है। आज हम आप लोगो को हमारे भारत देश के रूपये के बारे में कुछ अच्छी जानकारी बताने जा रहे है। 

ब्रेकिंग - छ.ग. सहित पुरे राज्य में 38926 पदों में ग्रामीण डाक सेवक भर्ती। 

बहुत से लोगो के मन में सवाल यह उठता है कि 1 डालर  के बदले हमें 75 - 76 रु. क्यों देने पड़ती है , क्या कभी 1 रु. एक डालर के बराबर होता था , हाँ तो यह बिलकुल सच है आजादी के वक्त 1 रु. की कीमत 1 डालर के बराबर हुआ करती थी। भारत में रूपये का इतिहास 2500 साल पुराना है। आप को जानकार हैरानी होगी  की 1917  में 1 रु. 13 डालर के बराबर हुआ करती थी। वही जब 1947 में भारत आजाद हुआ तो 1 रु. 1 डालर के बराबर थी। 

ब्रेकिंग - छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ी भर्ती को हरी झंडी ,, करीब 6000 पदों में होगी भर्ती। 

कैसे कम होते गई रूपये की कीमत - आजादी के वक्त हमारे देश के ऊपर कोई कर्जा नहीं था , लेकिन 1951 में पहली पंचवर्षीय योजना लिए भारत सरकार ने कर्जा लिया तब 1948 से 1966 के बीच एक डालर की कीमत 6.66 रु. के बराबर थी। फिर धीरे - धीरे रूपये की कीमत कम होने लगी। 1975 में एक डालर की कीमत 839 रु. के आसपास हो गई। इसके बाद 1985 में एक डालर की कीमत 12 रु. पहुँच गई। 

ब्रेकिंग - कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड बिलासपुर द्वारा तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों में बंपर भर्ती। 

लेकिन रूपये की कीमत में गिरावट यही कम नहीं हुई वह आज भी बदस्तूर जारी है। 1991 में बेतहासा महंगाई , विकास दर कम होना और विदेशी रिजर्व कम होने से एक डालर 17.90 रु. पहुँच गई। वही दो साल बाद एक डालर की कीमत 1993 में एक डालर की कीमत 31.37 रु. पहुँच गई। वही 21 वीं सदी की शुरुआत में सन 2000 से 2010 के बीच एक डालर की कीमत 40 से 50 रु. हो गई। वही 2013 में हद तो तब हो गई जब एक डालर की कीमत 65.50 रु. हो गई। 

10 वीं , 12 वीं रिजल्ट ब्रेकिंग,,, इस दिन जारी होगा रिजल्ट। 

देश पर लगातार बढ़ रहा कर्जा ,, रुपया हो रहा कमजोर - समय के साथ - साथ रूपये की गिरावट अब भी जारी है। देश  का बोझ लगातार बढ़ रही है। फिलहाल एक डालर की कीमत 76 रु. के आपस पास हो गई है। समय बदली सरकार भी बदली लेकिन रुपयों की गिरावट बंद नहीं हुई। देश में लगातर बढ़ रही महंगाई और बढ़ते कर्ज के कारण अब भी डालर के मुकाबले रूपये में कमजोरी जारी है। 

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