दो साल के बाद भी नहीं हुई शिक्षकों की भर्ती , इस साल भी सिर्फ इंतजार CG Regular Teachers Recruitment Post - 14580

कोरोना का बड़ा साइड इफेक्ट , चयनित अभ्यर्थी 2 साल से कर रहे ज्वाइनिंग का इन्तजार CG Regular Teachers Recruitment Post - 14580 

a2zkhabri.com रायपुर - छत्तीसगढ़ में करीब दो साल बीतने के बाद भी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। इससे अभ्यर्थियों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ रही है। स्थिति यह है की अभ्यर्थियों अभ्यर्थियों को अभी 5 से 6 माह और इन्तजार करना पड़ सकता है। नियुक्ति नहीं होने की सबसे बड़ी वजह कोरोना संक्रमण का साइड इफेक्ट है। लम्बे इन्तजार के बाद भी करीब 11 हजार 403 पदों पर नियुक्ति होना बाकी है। 

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दरअसल राज्य सरकार ने नियमित शिक्षकों की भर्ती के लिए 09 मार्च 2019 को विज्ञापन जारी किया था। इसके तहत व्याख्याता , शिक्षक , सहायक शिक्षक , व्यायाम शिक्षक , सहायक शिक्षा (प्रयोगशाला ) के कुल 14580 पदों में भर्ती होनी थी। व्यापम ने इसकी लिखित परीक्षा 2019 में ही ले ली थी। परीक्षा परिणाम भी 30 सितम्बर 2019 से 22 नवम्बर 2019 तक घोषित भी कर दी गई थी। 

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उक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया जनवरी 2020 तक पूर्ण हो जानी थी। इस बीच कोरोना संक्रमण आ गया। और लाकडाउन की  वजह से सभी स्कूलें बंद हो गई , स्कूल बंद होते ही सरकार ने ज्वाइनिंग देने से अपने कदम पीछे खिंच लिए। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने नियुक्ति के लिए सड़क पर उतरे और सीएम हाउस घेरने का प्रयास भी किए। अभ्यर्थियों के खिलाफ जुर्म भी दर्ज किये गए। इसे लेकर विपक्ष ने भी मोर्चा खोल दिया और जमकर राजनीती की गई। 

3000 व्याख्याताओं की हो गई है नियुक्ति - प्रदेश में 2 - 3 माह पहले कोरोना की रफ़्तार धीमे होने के कारण हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों को खोला गया था। हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल के खुलते ही लगभग 3000 व्याख्याताओं को नियक्ति दी जा चुकी है। वही करीब 11 हजार 403 पदों में शिक्षक, सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक प्रयोगशाला एवं व्यायाम शिक्षक के पदों में नियुक्ति बाकी है। 

विभाग का तर्क - स्कूलों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए ही सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी दी थी। अभ्यर्थियों का यह दुर्भाग्य है कि नियुक्ति प्रक्रिया के पहले कोरोना संक्रमण आ गया। इससे आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई। वही कोरोना के स्थिति को देखते हुए स्कूल कालेज अनिश्चित समय के लिए बंद हो गए। ऐसे स्थिति में बगैर काम के शिक्षकों को वेतन देने की स्थिति में नहीं थी। वही चयनित अभ्यर्थियों का तर्क है कि सरकार ने नए भर्ती की मंजूरी दी है तो बजट का भी प्रावधान होगा ही। वही नियुक्ति पश्चात हम लोग भी पढ़ाई तुहर द्वार के अंतर्गत ऑनलाइन क्लास , मोहल्ला क्लास , पारा क्लास आदि के माध्यम से अध्यापन कराते। 

डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम स्कूल शिक्षा मंत्री - कोरोना वायरस के वजह से अभी स्कूल बंद है। हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों की कक्षाएँ शुरू होते ही , व्याख्याताओं को नियुक्ति दी गई है। बचे हुए अभ्यर्थियों को भी सरकार नियुक्ति देगी। अभ्यर्थी इसकी चिंता न करें। 

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