अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विशेष- योग, प्रणायाम एवं कोविड - 19 Antarrashtriy Yoga Divas Vishesh- Yoga, Pranayam Avam Covid - 19

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विशेष - International yoga Day - Yoga, Pranayam And Covid -19 

International yoga Day 2020 - अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है। यह दिन वर्ष का सबसे लम्बा दिन होता है और यह मनुष्यों को दीर्घ जीवन प्रदान करता है। कोरोना वायरस का अभी तक कोई दवा या टीका नहीं बन सका है, इस लिए मानव के पास उसके शरीर का मजबूत प्रतिरक्षा तंत्र ही एक मात्र उसका हथियार है और इस प्रतिरक्षा तंत्र को योग के सहायता से प्राप्त किया जा सकता है। 


हजारों वर्षों के शोध एवं चिंतन मनन के बाद विकसित योग की विधा भारत की प्राचीन धरोहर है। 11 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासंघ महासभा द्वारा 21 जून को विश्व अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने हेतु मान्यता दिया था। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने हेतु प्रस्ताव भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लाया था जिसे उक्त सभा द्वारा मान्यता दी गयी। 


महर्षि पतंजलि ने योग सूत्र में योग की परिभाषा 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोध' के रूप मे दी है। भले ही योग की यह परिभाषा योग की सर्वमान्य परिभाषा न हो लेकिन यह योग के व्यापक अर्थ को अपने में समेटे है। वास्तव में चित्त स्थिर हो जाए तो केवल शरीर ही नहीं आत्मा को भी साधा जा सकता है। 

जब तक चित अपने अनुसार कार्य करता है हम ओ नहीं कर पाते जो जीवन के उद्धार कर सके। परन्तु जैसे ही हम अपने चित पर नियंत्रण कर पाते है हम अपने जीवन को साधने में कामयाब हो जाते है और यह सब योग से संभव  योग का लक्ष्य भी। 

योग हमारे जीवन में एक गजब का संतुलन पैदा करता है। जो शतायु एवं स्वस्थ जीवन का मार्ग प्रशस्त  करता है। आज अष्टांग योग के रूप में योग हमारे सामने मौजूद है। योग का एक - एक अंग अत्यंत महत्वपूर्ण है। योग के आठों अंग एक साथ मिलकर योग को पूर्णता प्रदान करते है। 


विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार COVID-19 एक संक्रामक रोग है जो एक नए खोजे गए कोरोना वायरस के कारण होता है। कोविड-19 वायरस से संक्रमित अधिकांश लोग हल्के से मध्यम श्वसन तंत्र की बीमारी का अनुभव करते हैं और अधिकांश संक्रमित लोग विशेष उपचार की आवश्यकता के बिना ठीक भी हो जाते हैं, लेकिन वृद्ध लोगों और हृदय रोग, मधुमेह, पुरानी श्वसन बीमारी और कैंसर जैसी अंतर्निहित चिकित्सा समस्याओं वाले लोगों में गंभीर बीमारी विकसित होने की अधिक संभावना होती है।

कोरोना वायरस के संचरण एवं फैलाव को धीमा करने का सबसे अच्छा एवं सरल उपाय है लोगो को कोरोना वायरस के प्रति सही जानकारी प्रदान कर जागरूक करना। कोरोना वायरस से बचके रहना, सतर्क रहना ही इसका उपचार है। यदि हम योग एवं खानपान पर विशेष ध्यान दे तो कोरोना को आसानी से परास्त कर सकते है। 


अपने हाथों को बार-बार धो कर अथवा अल्कोहल आधारित सेनेटाईज़र का उपयोग करके और अपने चेहरे को न छूने से खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाया जा सकता है। COVID-19 वायरस मुख्य रूप से किसी संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर लार या नाक से निकलने वाली बूंदों से फैलता है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम श्वसन शिष्टाचार का भी अभ्यास करें। उदाहरण के लिए एक लचीली कोहनी में खाँसी करके हम दूसरों को संक्रमित होने से बचा सकते हैं। लेकिन संक्रमण का शिकार होने के बाद मानव को कोरोना वाइरस से बचाने के लिए पूरी तरह उसका प्रतिरक्षा तंत्र ही सहायक होता है।

चूँकि कोरोना वायरस का अभी तक कोई दवाया टिका नहीं बन पाया है। इस लिए मानव के पास उसके शरीर का मजबूत प्रतिरक्षा तंत्र ही उसका प्रमुख हथियार है। और इस मजबूत प्रतिरक्षा तंत्र को योग के द्वारा ही प्राप्त किया जा सकता है।


हम देख रहे हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन कोरोना महामारी से बचाव के लिए जो एडवाईजरी जारी कर रहा है उसमें शरीर की स्वच्छता और प्रतिरक्षा को बढ़ाने पर विशेष ज़ोर है और योग हजारों वर्षों से हमें स्वच्छता और शरीर की बाहर भीतर की निर्मलता और आसनों के अभ्यास से शारीरिक क्षमता को बढ़ाने में सहायक बनता आया है।

योग के सारे अंग हमें कोरोना जैसे वाइरस से लड़ने में अत्यंत मददगार हैं, लेकिन सबका वर्णन यहाँ संभव नहीं इसलिए यहाँ हम उन महत्वपूर्ण अंगों पर ही प्रकाश डालेंगे जो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।

अष्टांग योग के पहले अंग यम में अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह का पालन महत्वपूर्ण है। योग में हिंसा का निषेध है और सत्य के पालन पर विशेष ज़ोर है या यूं कहें कि योग की प्रथम सीढ़ी सत्य और अहिंसा से शुरू होती है।

सच्चे व्यक्ति को किसी का भय नहीं रहता और भय नहीं हो तो कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है। हम सब आज जानते हैं कि कोरोना वायरस बायोडाईवर्सिटी में छेड़छाड़ का नतीजा है।

निष्कर्ष - कोरोना वायरस से यदि बचना है तो प्रतिदिन सभी व्यक्तियों को योग को दैनिक दिन चर्या में शामिल करना ही होगा। शरीर की मजबूत इम्यून सिस्टम कोरोना को हराने में सक्षम है। और यह सब नियमित योग एवं बेहतर खानपान से संभव है। 

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