प्रदेश के 45 हजार अनियमित एवं संविदा कर्मचारी को नियमित करने की तैयारी Big breaking - 45 thousand irregular and contractual employees of the state will be regular

प्रदेश के 45 हजार अनियमित और संविदा कर्मचारियों को जल्द मिलेगी नियमितीकरण की सौगात ,, शासन स्तर पर नियमितीकरण की तैयारी शुरू 45 thousand irregular and contract employees of the state will soon get the gift of regularization, preparations for regularization start at the government level

a2zkhabri.com रायपुर - प्रदेश के लगभग 45 हजार अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों को बड़ी सौगात की तैयारी शुरू हो गई है। भूपेश बघेल सरकार प्रदेश के संविदा और अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने की तैयारी में है। शासन स्तर पर इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। सामान्य प्रशासन विभाग  (जीएडी ) ने 30 सितम्बर को सभी विभागों को पत्र लिखकर सभी अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों की जानकारी मांगी थी। पूरा डेटा मिलने के तुरंत बाद वित्त विभाग आकलन करेगा। प्रदेश के 45 हजार अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के बाद 700 - 800 करोड़ का सालाना व्यय आएगा। 

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कांग्रेस सरकार ने अपने घोषणा पत्र में किया है वादा - ज्ञात हो कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने 2018 विधान सभा चुनाव के पहले राज्य में सरकार बनने पर प्रदेश के अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया है। राज्य में कांग्रेस की सरकार बने 4 वर्ष हो गए है। अब राज्य सरकार अनियमित कर्मचारियों और संविदा कर्मचारियों से किए गए वादा को अब पूरा करने जा रही है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार राज्य सरकार दिसंबर तक सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वहीँ आगामी चुनावी साल के शुरुआत में इसकी ऐलान भी किया जाएगा। हालाँकि अभी विभाग और आला अफसर के तरफ से इस सम्बन्ध में कोई आधिकारिक अथवा पुष्ट बयान नहीं आया है। 

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सीएम भूपेश बघेल दो बार दे चुके विधान सभा में लिखित बयान - प्रदेश के अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों को नियमितीकरण के सन्दर्भ में विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधान सभा में दो बार लिखित बयान दे चुके है। उन्होंने जुलाई 2021 के अपने बयान में कहा था कि - रिक्त पद के विरुद्ध अनियमित कर्मचारियों को किया जाएगा। वहीँ जुलाई 2022 के बयान में कहा कि - नियमितीकरण के लिए वित्त ने विधि विभाग से जानकारी मांगी है। 

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राजस्थान ने अभी हाल ही में किए अपने अनियमित कर्मचारियों को नियमित - राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों के लिए पिछले कुछ वर्षों में बड़े - बड़े फैसला लिए है। राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग पुरानी पेंशन बहाल करने का सबसे बड़ा और चौकाने वाला निर्णय लिया था। राजस्थान के बाद ही छत्तीसगढ़ , झारखण्ड और अब पंजाब में भी पुरानी पेंशन लागू हो गई है। राजस्थान सरकार ने तात्कालिक 30 हजार संविदा कर्मियों को नियमित किया है। नियमित किए गए पदों में पंचायत सहायक , शिक्षाकर्मी और पैरा शिक्षक शामिल है। तीनों वर्ग को शुरुआत से ही अब बढे हुए तनख्वाह भी मिलेगी। गहलोत सरकार ने ठीक दिवाली से पहले अनियमित कर्मचारियों को सौगात दी है। 

प्राथमिक तौर पर निम्न जानकारी मांगी गई है -

1. अनियमित , दैनिक वेतनभोगी एवं संविदा भर्ती में प्रक्रिया का पालन किया गया हो। 

2. उपरोक्त कर्मचारी पद की निर्धारित शैक्षणिक तकनिकी योग्यता रखता हो। 

3. जिन पदों में नियमितीकरण किया जाना है वह विभाग की पद संरंचना में शामिल हो। 

4. वर्तमान में कार्यरत पद पर कितना वेतन दिया जा रहा है। 

5. वर्तमान पद का वेतन और उसी पद पर नियमित होने पर वेतन,,? 

इस मामले में अब तक हुई कार्यवाही - 

1. कांग्रेस ने 2018 के विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र  नियमितकरण करने का उल्लेख किया है। 

2. 11 दिसंबर 2019 को प्रमुख सचिव वाणिज्य एवं उद्योग , सार्वजनिक उपक्रम विभाग की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया। 

3. 16 सितम्बर 2022 को कर्मचारी संगठनों की मांगों पर परिक्षण के लिए प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में एक और कमिटी बनी। 

4. 30 सितम्बर को जीएडी ने सभी विभाग से अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों की जानकारी मांगी। 

राज्य सरकार द्वारा उक्त मामले में शीघ्र निर्णय लेने की जानकारी सूत्रों से प्राप्त हो रही है। यदि नियमितीकरण की मांग जल्द पूरा नहीं होगी तो 20 नवम्बर से प्रदेश के अनियमित एवं संविदा कर्मचारी हड़ताल में जा सकते है। 

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