ब्रेकिंग - 07 शिक्षकों की कोरोना से मौत , शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप CG 07 Teachers Died Of Corona

 छत्तीसगढ़ में कोरोना का तांडव , 07 शिक्षकों की गई जान CG Corona Breaking Latest Update 2021 

a2zkhabri.com राजनांदगाव - कोरोना ने पुरे प्रदेश को एक बार फिर अपने चपेट में ले लिया है। कोरोना से विगत 5 दिनों में राजनांदगाव जिले में पदस्थ 7 शिक्षकों की जान ले ली है। कोरोना का दूसरा लहर और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है , क्योंकि पिछले वर्ष प्राप्त मरीज और जान जाने वाले मरीजों की तुलना में इस वर्ष का रिकार्ड भारी पड़ रहा है। कोरोना ने पुरे प्रदेश में जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। 

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विगत तीन दिन के अंदर खैरागढ़ ब्लाक के विभिन्न स्कूलों में पदस्थ 5 शिक्षकों की कोरोना संक्रमण से मौत होने से पुरे महकमे में खलबली मच गई है। 05 शिक्षकों के बाद अब 02 शिक्षकों की और मौत हो गई है। शिक्षकों के मौत के बाद भी स्कूलों में बेरोकटोक आवाजाही जारी है। 

मिली जानकारी के अनुसार 30 मार्च को खैरागढ़ के देवारी में पदस्थ प्रधान पाठक राजेश्वर राव की कोरोना से मौत हो गई। वही 31 मार्च को प्राथमिक शाला मलैदा में पदस्थ संतोष ठाकुर की मौत हो गई। इसी तरह मिडिल स्कूल रगरा के शिक्षक लेखाराम जंघेल , पेंड्रीकला मिडिल स्कूल के गयाराम साहू एवं मिडिल स्कूल दल्लीपुर के मंगलदास बंजारे एवं अन्य दो शिक्षक की कोरोना से मौत हो गई। बताया जा रहा है की सभी शिक्षकों का इलाज रायपुर में चल रहा था। 

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शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप - उक्त खबर ने पुरे प्रदेश के शिक्षा विभाग को सख्ते में डाल दिया है। जिस प्रकार से लगातार बीच - बीच में कोरोना से शिक्षकों की मौत की खबर आ रही है वह वाकई में डराने वाली और सोचने वाली खबर है। शिक्षक बच्चों से अभी भी मोहल्ला क्लास के माध्यम से संपर्क में है और जिस प्रकार से कोरोना फ़ैल रहा है उससे भविष्य में कोरोना संक्रमण फैलने के खतरे को इंकार नहीं किया जा सकता। 

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50 लाख बिमा कवर और टीका लगवाने की मांग - शासन द्वारा जारी आदेश अनुसार शिक्षकों  शाला बंद नहीं हुए है, मध्यान्ह भोजन, जाति निवास , 10 वीं, 12 वीं परीक्षा की तैयारी एवं स्वैच्छिक मोहल्ला क्लास आदि के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों छात्रों के संपर्क में आ रहे है , जिससे शिक्षकों एवं छात्रों में तेजी से कोरोना संक्रमण फैलने खतरा बना हुआ है। जो जानलेवा साबित हो सकती है। 

शिक्षक संगठन का कहना है की शिक्षक भी प्रथम पंक्ति के कोरोना वारियर्स है , जो कि जायज है।  शिक्षकों का सम्बन्ध देश के नौनिहालों से रहता है। शिक्षक सुरक्षित रहेंगे तो बच्चे भी सुरक्षित रहेंगे। इसलिए सभी शिक्षकों को बिना किसी उम्र बंधन के स्वास्थ्य कर्मचारियों के समान कोरोना का टीका लगवाया जाना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की भांति शिक्षकों को भी बीमा कवर की परिधि में लाया जाना चाहिए। कोरोना से शिक्षक की मौत होने पर तत्काल 50 लाख सहायता राशि प्रदान करनी चाहिए। 

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