शिक्षकों के जान से खिलवाड़ , सीईओ का अनोखा फरमान Messing With The Life Of Teachers , The Unique Decree Of The CEO

जिला पंचायत सीईओ का आदेश , कोरोना मरीज से सीधे संपर्क स्थापित कर ट्रेसिंग करने दिए निर्देश Messing With The Life Of Teachers , The Unique Decree Of The CEO 

 a2zkhabri.com मुंगेली - प्रदेश में कोरोना महामारी का कोहराम मचा हुआ है। पिछले एक वर्ष में ड्यूटी के दौरान कोरोना से संक्रमित होकर 400 से अधिक शिक्षकों ने अपनी जान भी गवां दी है। वर्तमान में भी शिक्षक कोरोना से सम्बंधित प्रदेश भर में अनेकों प्रकार के ड्यूटी कर रहे है। 

ज्ञात हो कि 03 मई को जिला पंचायत सीईओ और जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा ज़ूम मीटिंग एप्प के जरिये ऑनलाइन मीटिंग ली गई थी। जिसमे जिला पंचायत सीईओ एवं जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा कई मौखिक निर्देश दिए गए है जो विवादों में आ गया है। दर असल जिला शिक्षा अधिकारी शिक्षकों को अब सीधे कोरोना मरीज के घर जाकर कांटेक्ट ट्रेसिंग करने कह रहे है , बल्कि पूर्व में यह कार्य मोबाइल के माध्यम से किया जा रहा था। 

जान से खिलवाड़ , न बीमा न कोरोना वारियर का दर्जा - स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारी पुरे एक वर्ष से भीअधिक समय से कोरोना वारियर का कार्य कर रहे है। लेकिन शासन प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा। शिक्षकों को न तो बीमा के दायरे में लाया जा रहा और न ही कोरोना वारियर का दर्जा दे रहा। लेकिन पुरे एक साल से कोरोना से सम्बंधित जोखिम कार्य को करा रहा है। इनके नजरों में कर्मचारियों के जान की कोई कीमत नहीं है। 

कोरोना ड्यूटी का बहिष्कार करने की चेतावनी - जिला पंचायत सीईओ के द्वारा कोरोना मरीज के घर जाकर कांटेक्ट ट्रेसिंग करने का मौखिक आदेश जारी हुआ है तब से संयुक्त कर्मचारी मोर्चा पथरिया के पदाधिकारी सहित अन्य संगठन उक्त आदेश का विरोध करना शुरू कर दिए है। उक्त आदेश में संसोधन नहीं होने पर कोरोना ड्यूटी का बहिष्कार करने का भी निर्णय लिया जा रहा है। पदाधिकारियों का कहना है जिस कार्य मोबाइल कोमोबाइल से  कर सकते है उसके लिए कोरोना मरीज के घर भेजकर हमारे जान से खिलवाड़ करने का अधिकार  किसी को नहीं है। 

जिला पंचायत सीईओ के द्वारा जारी किये गए आदेश - 

1. सभी शिक्षक अपनी मुख्यालय में रहेंगे। 

2. पॉजिटिव आये व्यक्ति का ट्रेसिंग करने ,ट्रेसिंग करता स्वयं उनके घर जाएगा और दुरी का पालन करते हुए ट्रेसिंग करेंगे। 

3. ट्रेसिंग करते हुए फोटो ग्राप्स ग्रुप में भेजेंगे। 

4. जिस गाँव में कोविड टेस्ट होगा वहां ट्रेसिंग कर्ता उपस्थित रहेगा और तत्काल ट्रेसिंग करेगा। 

5. संपर्क में आए व्यक्तियों की संख्या कम से कम 15 होनी चाहिए। 

6. हाई रिस्क व्यक्तियों की सूचि स्वास्थ्य विभाग को देना है। 

शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों सहित जिले के सभी शिक्षकों का कहना है कि जब ट्रेसिंग का कार्य मोबाइल से कर रहे है तो उसमे संसोधन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। कोरोना मरीज के संपर्क  से शिक्षक सहित उनके परिवार को भी संक्रमित होने का खतरा बना रहेगा। प्रदेश में वैसे भी 400 शिक्षक ड्यूटी के दौरान संक्रमित होकर जान गवां चुके है। शासन प्रशासन को यह सोचना चाहिए कि शिक्षक भी पिछले एक वर्ष से जान को जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहे है तो तत्काल इन्हें भी बीमा के दायरे में लाना चाहिए। 

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1 Comments

  1. Agar kahi koi samjhdar vyakti hai....jo apna test karaya ..vo vyakti agar kahi 3 logo k smapark me aane k bad khud ko qwarenti kar leta hai to...uske sambandh me 10 vyakti ko kaha se laye..,...reply me...

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