छत्तीसगढ़ सदन शीतकालीन सत्र में नियमित शिक्षक भर्ती, बेरोजगारी एवं अतिथि शिक्षक नियुक्ति मामला में जोरदार हंगामा  CG Regular Teacher Recruitment And Guest Teacher Bharti 2020 - 21 


a2zkhabri.com रायपुर - छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र में आज जोरदार हंगामा हुआ।  प्रश्नकाल में भाजपा विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बाँधी ने विद्यामितानों की नियुक्ति और वेतन का मामला उठाया। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेम साय सिंह टेकाम ने कहा कि विद्यामितान कोई नहीं है अतिथि शिक्षक है। अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति दूर सुदूर इलाके के लिए की गई थी। अतिथि शिक्षक की नियुक्ति शासन द्वारा नहीं की गई है।  शाला प्रबंधन की ओर से यह व्यवस्था की गई है। 

अन्य प्रमुख खबर इसे भी अवश्य देखें- 

छत्तीसगढ़ राशन दुकान संचालन हतु तत्काल करें आवेदन। 

छत्तीसगढ़ आरक्षक भर्ती एडमिट कार्ड, समय सारिणी देखें। 

आज के शीतकालीन सत्र में प्रमुख रूप से 14580 रेगुलर शिक्षक भर्ती , अतिथि शिक्षक भर्ती , वेतन विसंगति एवं वेतन भुगतान सम्बन्धी बिंदुओं पर जोरदार हंगामा हुआ। विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा 14580 शिक्षकों की नियुक्ति कब होगी , दो साल हो गए विज्ञापन निकले , नियुक्ति क्यों अटकी है ? , मंत्री ने जवाब देना शुरू किया तो इसी बिंदु पर विधायक शिवरतन शर्मा ने ने सवाल किया। शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने भर्ती प्रक्रिया चल रही है करके जानकारी प्रदान किया गया। 

नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने कहा की विद्या मितान कब नियमित होंगे और उनको कब तनख्वाह मिलेगी , टेकाम ने कहा कि जब तक नियमित शिक्षक नहीं है, तब तक अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था है। 09 मार्च 2019 को विज्ञापन जारी किया गया , तब से प्रक्रिया चल रही है , कोरोना के कारण प्रक्रिया धीमी हुई है।  सत्यापन के बाद नियुक्ति की जाएगी। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर भाजपा एवं जनता कांग्रेस के विधायक सदन से वाक् आउट किये। 

बेरोजगारों को रोजगार देने के मुद्दे पर हंगामा - शिवरतन शर्मा ने शून्यकाल के दौरान प्रदेश  अपराध और बेरोजगारी की समस्या  उठाया। विधायक ने कहा की प्रदेश में बेरोजगारी बहुत है। बेरोजगारी के कारण अपराध बढ़ गए है। कई विभागों में पद खाली है , पुलिस विभाग में ही 50 हजार पद रिक्त है। 

धरम लाल कौशिक ने कहा कि चुनाव से पहले वोट के लिए कांग्रेस ने राजनीती की , सरकार बन गई और दो साल भी पुरे हो गए पर बेरोजगार युवा और कर्मचारी ठगे गए। जहा बेरोजगार नौकरी को तरस रहे वही प्रदेश के कर्मचारी धरने पर बैठे है। इन सभी बिंदुओं पर स्थगन के जरिये चर्चा कराये जाने के मांग सहित अन्य बिंदु पर हंगामा मचने पर सदन को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया।